आवाहयाम्यहं देवि गंगे परमेश्वरी
प्रणम्यत्मात्र सन्तुष्टा भगवति विष्णुवल्लभे ।
अर्थ: मैं हे गंगा, परमेश्वरी देवी को आमंत्रित करता हूँ, जो संतुष्ट होने पर भगवती और विष्णुवल्लभा हैं।
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन सन्निधिम कुरु।
अर्थ: हे गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी नदियाँ, इस जल में अपनी उपस्थिति से हमें आशीर्वाद दें।
ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नमः।
अर्थ: हे गंगा के विश्वरूपिणी स्वरूप वाली नारायणी माँ, आपको मेरा नमन है।
जय जय गंगे, नमामि गंगे
नहीं रुकेंगे, हम स्वच्छ करेंगे
जय जय गंगे, नमामि गंगे
नहीं रुकेंगे, हम स्वच्छ करेंगे
धागेनति नकधिन, धागेनति नकधिन
धागेनति नकधिन धा
तु युग युग से बहती आई
तूने ही हमको पाला है (धिनधिन धा x 2)
तेरी उँगली पकड़ चलना सिखा
जीवन तूने ही संभाला है (धिनधिन धा x 2)
तेरा कर्ज चुकाना है हमको
कर्तव्य निभाना है हमको
जय जय गंगे, नमामि गंगे
नहीं रुकेंगे, हम स्वच्छ करेंगे
जय जय जय जय जय जय जय जय गंगे,
जय जय जय जय नमामि नमामि गंगे
जय जय जय जय जय जय जय जय गंगे
जय जय जय जय नमामि नमामि गंगे
गंगा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए हम अपना कर्तव्य निभाएं।
आइये मिलकर संकल्प लें कि “हम नहीं रुकेंगे हम स्वच्छ करेंगे”
“कर्तव्य गंगे - नमामि गंगे”
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